वाच्य — हिंदी व्याकरण

JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, झारखंड पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हिंदी व्याकरण।

वाच्य — Hindi Grammar

Important Hindi Grammar for JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, Jharkhand Police and other competitive examinations.

📖 वाच्य क्या है?

क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है, उसे वाच्य कहते हैं। हिंदी व्याकरण में वाच्य के तीन प्रमुख भेद हैं— कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य।

📖 What is वाच्य?

🔍 इसे कैसे पहचानें?

वाक्य में देखें कि क्रिया का मुख्य संबंध किससे है। यदि कर्ता की प्रधानता हो तो कर्तृवाच्य, यदि कर्म की प्रधानता हो तो कर्मवाच्य और यदि केवल भाव या क्रिया के होने का बोध हो तथा कर्ता या कर्म की प्रधानता न हो तो भाववाच्य कहलाता है।

🔍 How to identify?

✏️ उदाहरण

कर्तृवाच्य— राम पत्र लिखता है। कर्मवाच्य— राम द्वारा पत्र लिखा जाता है। भाववाच्य— राम से चला नहीं जाता। अन्य उदाहरण— सीता ने पुस्तक पढ़ी। पुस्तक सीता द्वारा पढ़ी गई।

✏️ Examples

⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

वाच्य के तीन प्रमुख भेद हैं— कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य। कर्तृवाच्य में कर्ता प्रधान होता है। कर्मवाच्य में कर्म प्रधान होता है। भाववाच्य में भाव या क्रिया की प्रधानता होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में वाच्य की पहचान तथा कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य और भाववाच्य में परिवर्तन से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण हैं।

⭐ Important for Examination


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