रस — हिंदी व्याकरण

JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, झारखंड पुलिस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हिंदी व्याकरण।

रस — Hindi Grammar

Important Hindi Grammar for JSSC, JPSC, JSSC CGL, JTET, Jharkhand Police and other competitive examinations.

📖 रस क्या है?

काव्य को पढ़ने, सुनने या देखने से सहृदय के हृदय में उत्पन्न होने वाले आनंदमय भाव को रस कहते हैं। रस काव्य की आत्मा माना जाता है। हिंदी साहित्य में रस का विशेष महत्व है।

📖 What is रस?

🔍 इसे कैसे पहचानें?

किसी काव्य-पंक्ति या साहित्यिक रचना को पढ़कर उसमें व्यक्त प्रमुख भाव को पहचानें। प्रेम या उत्साह, शोक, क्रोध, हास्य, भय, घृणा, आश्चर्य या शांति जैसे स्थायी भावों के आधार पर रस की पहचान की जाती है।

🔍 How to identify?

✏️ उदाहरण

श्रृंगार रस— नायक-नायिका के प्रेम का वर्णन। वीर रस— युद्धभूमि में वीरता और उत्साह का वर्णन। करुण रस— किसी प्रिय व्यक्ति के वियोग या मृत्यु से उत्पन्न शोक। हास्य रस— हँसी उत्पन्न करने वाला वर्णन।

✏️ Examples

⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण

रस के प्रमुख अंग स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव और संचारी भाव माने जाते हैं। प्रमुख रस हैं— श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, वीभत्स, अद्भुत और शांत। प्रतियोगी परीक्षाओं में काव्य-पंक्ति में रस की पहचान तथा उसके स्थायी भाव से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं।

⭐ Important for Examination


Fatal error: Uncaught mysqli_sql_exception: Unknown column 'topic_id' in 'WHERE' in /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php:917 Stack trace: #0 /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php(917): mysqli_query() #1 {main} thrown in /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php on line 917