पद-विचार — हिंदी व्याकरण
पद-विचार — Hindi Grammar
📖 पद-विचार क्या है?
वाक्य में प्रयुक्त सार्थक शब्द को पद कहते हैं। पद के रूप, प्रकार तथा वाक्य में उसके कार्य का अध्ययन पद-विचार कहलाता है। पद-विचार में यह देखा जाता है कि वाक्य में प्रयुक्त शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, अव्यय आदि में से किस रूप में कार्य कर रहा है।
📖 What is पद-विचार?
🔍 इसे कैसे पहचानें?
किसी वाक्य में प्रयुक्त शब्द को देखकर पहचानें कि वह किस व्याकरणिक वर्ग का कार्य कर रहा है। यदि शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का नाम बताए तो संज्ञा पद, संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हो तो सर्वनाम पद, संज्ञा की विशेषता बताए तो विशेषण पद और कार्य का बोध कराए तो क्रिया पद कहलाता है।
🔍 How to identify?
✏️ उदाहरण
वाक्य— राम सुंदर पुस्तक पढ़ता है। इसमें ‘राम’ संज्ञा पद, ‘सुंदर’ विशेषण पद, ‘पुस्तक’ संज्ञा पद और ‘पढ़ता है’ क्रिया पद हैं। इसी प्रकार ‘वह स्कूल जाता है’ में ‘वह’ सर्वनाम पद और ‘जाता है’ क्रिया पद है।
✏️ Examples
⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
पद-विचार में वाक्य में प्रयुक्त शब्दों के व्याकरणिक रूप और कार्य का अध्ययन किया जाता है। पद के प्रमुख भेद संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय आदि हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्य में दिए गए पद की पहचान, उसके भेद तथा उसके व्याकरणिक प्रयोग से संबंधित प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं।
⭐ Important for Examination
Fatal error: Uncaught mysqli_sql_exception: Unknown column 'topic_id' in 'WHERE' in /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php:917 Stack trace: #0 /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php(917): mysqli_query() #1 {main} thrown in /home/u808685320/domains/jharkhandexamprep.in/public_html/mcqs/hindi_grammar_varn_uchcharan.php on line 917