छंद — हिंदी व्याकरण
छंद — Hindi Grammar
📖 छंद क्या है?
काव्य में वर्णों या मात्राओं की निश्चित संख्या, क्रम और गति के आधार पर रचना को व्यवस्थित करने की पद्धति को छंद कहते हैं। छंद काव्य को लय, गति और संगीतात्मकता प्रदान करता है।
📖 What is छंद?
🔍 इसे कैसे पहचानें?
किसी काव्य-पंक्ति में वर्णों या मात्राओं की संख्या, उनके क्रम तथा यति और गति को देखकर छंद की पहचान की जाती है। छंद के अध्ययन में मात्रा, वर्ण, यति, गति और चरण का विशेष महत्व होता है।
🔍 How to identify?
✏️ उदाहरण
मात्रिक छंद में मात्राओं की संख्या का ध्यान रखा जाता है, जबकि वर्णिक छंद में वर्णों की संख्या और क्रम महत्वपूर्ण होता है। दोहा, चौपाई, सोरठा और रोला हिंदी के प्रमुख छंद हैं। उदाहरण— दोहा में सामान्यतः प्रत्येक पंक्ति के पहले और तीसरे चरण में 13-13 तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।
✏️ Examples
⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
छंद काव्य में लय और गति उत्पन्न करता है। छंद के प्रमुख तत्व मात्रा, वर्ण, चरण, यति और गति हैं। छंद मुख्यतः मात्रिक और वर्णिक होते हैं। दोहा, चौपाई, सोरठा और रोला प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण छंद हैं। प्रश्नों में छंद की पहचान, मात्रा-संख्या तथा उसके प्रकार पूछे जाते हैं।
⭐ Important for Examination
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