[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]

झारखंड में आयोजित होने वाली JPSC, JSSC, JET, झारखंड पुलिस भर्ती परीक्षा आदि के लिए उपयोगी सामान्य अध्ययन।
[ क्षितिज-गद्य खंड प्रश्नों का संग्रह। ]
Useful GK for JPSC, JSSC, JET, Jharkhand Police and other exams.
241. लेखिका के सहयात्री कौन थे?
241.
सही उत्तर: मणि और जितेन
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में लेखिका मधु कांकरिया के सहयात्री मणि और जितेन थे। यात्रा के दौरान दोनों ने मार्गदर्शन और स्थानीय जानकारी देकर यात्रा को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाया।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
242. लेखिका को झारखण्ड के पलामू एवं गुमला जिले की पत्तों की तलाश करती आदिवासी युवतियों तथा सिक्किम की पत्थर तोड़ती पहाड़िनों में क्या एकरूपता नजर आई?
242.
सही उत्तर: आदिवासी युवतियों के फूले हुए पाँव एवं पत्थर तोड़ती पहाड़िनों के हाथ में पड़े छाले
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में लेखिका ने झारखण्ड की पत्ते चुनने वाली आदिवासी युवतियों के फूले हुए पाँव तथा सिक्किम की पत्थर तोड़ती पहाड़िनों के हाथों में पड़े छालों को उनके कठिन श्रम और संघर्षपूर्ण जीवन की समानता के रूप में देखा।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
243. जितेन ने हर मोड़ पर क्या लेने की बात कही?
243.
सही उत्तर: हेयर पिन बेंड
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में जितेन ने बताया कि पहाड़ी मार्गों पर हर तीखे मोड़ को "हेयर पिन बेंड" कहा जाता है। यात्रा के दौरान ऐसे अनेक हेयर पिन बेंड पार करने पड़ते हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
244. लेखिका की गाड़ी देखकर कौन लिफ्ट माँगने लगे?
244.
सही उत्तर: स्कूल से लौट रहे पहाड़ी बच्चे
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में लेखिका ने उल्लेख किया है कि उनकी गाड़ी देखकर स्कूल से लौट रहे पहाड़ी बच्चे लिफ्ट माँगने लगे। यह वहाँ के कठिन पर्वतीय मार्गों और बच्चों के दैनिक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
245. पहाड़ी बच्चे प्रतिदिन कितने किलोमीटर पहाड़ी चढ़ाई चढ़कर स्कूल जाते थे?
245.
सही उत्तर: तीन-साढ़े तीन किमी.
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में उल्लेख है कि पहाड़ी बच्चे प्रतिदिन लगभग तीन से साढ़े तीन किलोमीटर की कठिन पहाड़ी चढ़ाई तय करके स्कूल जाते थे। यह उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
246. तराई में कुल कितने स्कूल थे?
246.
सही उत्तर: एक
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में बताया गया है कि तराई क्षेत्र में केवल एक स्कूल था, जहाँ पहुँचने के लिए बच्चों को प्रतिदिन कठिन पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता था।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
247. लेखिका को पहाड़ी रास्तों में कौन-सी चेतावनियाँ खतरों के प्रति सजग कर रही थीं?
247.
सही उत्तर: धीरे चलाएँ, घर में बच्चे आपका इंतजार कर रहे हैं तथा "We Care, Man Eater Around"
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में लेखिका ने पहाड़ी मार्गों पर लगी अनेक चेतावनियाँ देखीं। इनमें "धीरे चलाएँ, घर में बच्चे आपका इंतजार कर रहे हैं" तथा "We Care, Man Eater Around" जैसी चेतावनियाँ यात्रियों को सड़क दुर्घटनाओं और जंगली जानवरों के संभावित खतरे के प्रति सतर्क करती हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
248. लेखिका को यूमथांग के रास्ते में क्या दिखे?
248.
सही उत्तर: काले याक
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में यूमथांग की यात्रा के दौरान लेखिका ने रास्ते में काले याक देखे। हिमालयी क्षेत्रों में याक एक प्रमुख पालतू पशु है, जिसका उपयोग परिवहन, दूध, ऊन और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए किया जाता है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
249. चाय बगानों में युवतियाँ क्या पहनकर चाय की पत्तियाँ तोड़ रही थीं?
249.
सही उत्तर: बोकु
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में उल्लेख है कि चाय बागानों में युवतियाँ "बोकु " पहनकर चाय की पत्तियाँ तोड़ रही थीं। यह वहाँ की पारंपरिक कार्य-वेशभूषा का हिस्सा है।
Correct Answer:
Explanation: Important question.
250. बोकु क्या है?
250.
सही उत्तर: सिक्किमी परिधान
व्याख्या: यात्रा-वृत्तांत "साना-साना हाथ जोड़ि ......" में बोकु सिक्किम का पारंपरिक परिधान बताया गया है, जिसे वहाँ की महिलाएँ विशेष अवसरों और कार्य के समय पहनती हैं।
Correct Answer:
Explanation: Important question.